सुविचार 4805
अपने बारे में सोचते वक्त इतनी इंसानियत जरूर रखें कि
” किसी दूसरे को नुकसान न पहुंचे “
” किसी दूसरे को नुकसान न पहुंचे “
जो चला गया वो थोड़े लौट आयेगा..
_ कर भला तो हो भला और कर बुरा तो हो बुरा..
अपनी समस्याओं को पहचानें, लेकिन समाधान के लिए अपनी शक्ति और ऊर्जा दें..
पैर अक्सर किनारों पे ही फिसला करते हैं.
जहाँ दर्द तो होता है. मगर आवाज़ नहीं होती..!