सुविचार 4860
..लोग अपनी आवश्यकता, सुविधा एवमं मनोदशा के आधार पर ही आपको आँकेंगे….!!!
..लोग अपनी आवश्यकता, सुविधा एवमं मनोदशा के आधार पर ही आपको आँकेंगे….!!!
और कुछ अपने ऐसे मिले जो गैर का मतलब समझा गए.
यदि आप कुछ दिनों तक उन्हें याद करना छोड़ देते हैं…!!!
उसे आज ही जहर की तरह त्याग देना ही उचित है.
पर तुमने तो इतना भी ना पूछा कि, खामोश क्यों हो…!
अन्यथा उसे न करने के हजार बहाने हैं.
उन्होंने कहा, “साल में दो ही दिन होते हैं कि कुछ नहीं किया जा सकता, _ एक को बिता हुआ कल कहा जाता है और दूसरे को आने वाला कल कहा जाता है, इसलिए आज प्यार करने, विश्वास करने और ज्यादातर जीने का सही दिन है “