मस्त विचार 4675
सुलझा हुआ सा समझते हैं मुझको लोग,
उलझा हुआ सा मुझमें कोई और भी है.
उलझा हुआ सा मुझमें कोई और भी है.
हमने भी रख दिए अपने सवालात बांधकर।”
तो अवश्य वो कुछ ऐसा भी देंगे, जिसे पाने का आपने कभी सोचा भी नहीं होगा.
इसलिए हमेशा हर परिस्थिति में खुद पर विश्वास रखें.
यह कठिन होने वाला है, लेकिन कठिन का अर्थ असंभव नहीं है.
पर सफलता के बाद नम्रता रखना उतना ही कठीन है..!
*जब हम अपना दर्द किसी को बता नहीं पाते !!*
दूरियां सिखाती हैं कि नज़दीकियां क्या होती हैं..