मस्त विचार 4821
कभी-कभी कुछ ऐसे भी प्रश्न मुझे अंदर ही अंदर खाते रहते हैं…
जिनका जिक्र मैं किसी से भी नहीं कर सकता…खुद से भी नहीं…!!!!
जिनका जिक्र मैं किसी से भी नहीं कर सकता…खुद से भी नहीं…!!!!
जब लछ्य पर ध्यान लगाओगे तो समस्याएं दिखनी बंद हो जाएंगी !
क्योंकि कुछ जवाब बस मालूम होते हैं..
_*और दूसरों के गुनाह छुपाना..* *आप के “किरदार”* *का इम्तेहान है….
लेकिन किसी को जीतना बहुत कठिन होता है.
कभी मुस्कुरा कर जिंदा करते हो, कभी मुस्कुरा कर मार देते हो..
जिन्दगी खुदबखुद और बेहतरीन हो जाएगी.
जीवन बहुत दिलचस्प है, _ अंत में, आपके कुछ सबसे बड़े दर्द आपकी सबसे बड़ी ताकत बन जाते हैं..