मस्त विचार 3960
_बोल पाना आज भी मेरे वश की बात नहीं…
_बोल पाना आज भी मेरे वश की बात नहीं…
_ताकि वो अपनी सारी समस्याओं को भूल कर ये सोचे कि _आखिर ये था कौन..
_कभी हम यूँ भी खुद को___ अच्छे लगते थे.
_ ये जीवन शून्य से ऊपर कभी नज़र न आया..
_हम अपने कर्म का सिद्धांत क्यों बिगाड़ रहे हैं ?
_ आदमी नीचा हो जाए तो समस्या है, बाक़ी पसंद अपनी-अपनी.!!
_ यदि आप किसी से नाराज़ होंगे तो लोग आप को छोड़ना पसंद करेंगे, मनाना नहीं !!
आप जीवन में गलतियाँ करने जा रहे हैं, _ गलतियों के बाद आप यही करते हैं जो मायने रखता है.
_क्योंकि अकेला रहने में सुकून मिलने लगा है..
_जो हकीकत और ख़्वाब के बीच होता है..!!
_ जो चलते हुये….रुकने की कला सिखाते हैं…!!