Words can be like X-rays if you use them properly — they’ll go through anything. You read and you’re pierced.
यदि आप शब्दों का सही ढंग से उपयोग करें तो वे एक्स-रे की तरह हो सकते हैं – वे कुछ भी कर गुजरेंगे ; _ आप पढ़ते हैं और आप चकित हो जाते हैं.
People intoxicate themselves with work so they won’t see how they really are.
लोग खुद को काम के नशे में चूर कर लेते हैं ताकि वे यह न देख सकें कि वे वास्तव में कैसे हैं.
I wanted to change the world. But I have found that the only thing one can be sure of changing is oneself.
मैं दुनिया को बदलना चाहता था. लेकिन मैंने पाया है कि केवल एक चीज जिसे बदलने के बारे में कोई आश्वस्त हो सकता है, वह है स्वयं.
I want to know what passion is. I want to feel something strongly.
मैं जानना चाहता हूं कि जुनून क्या है. मैं किसी चीज़ को शिद्दत से महसूस करना चाहता हूँ.
I write everything many times over. All my thoughts are second thoughts.
मैं हर चीज़ को कई बार लिखता हूं, _मेरे सभी विचार दूसरे विचार हैं.
I know very dimly when I start what’s going to happen. I just have a very general idea, and then the thing develops as I write.
मैं बहुत कम जानता हूं कि जब मैं शुरू करूंगा तो क्या होने वाला है ; _ मेरे पास बस एक बहुत ही सामान्य विचार है, और फिर जैसे-जैसे मैं लिखता हूँ, चीज़ विकसित होती जाती है.
…it is not what one has experienced but what one does with what one has experienced that matters.
…यह मायने नहीं रखता कि किसी ने क्या अनुभव किया है, बल्कि यह मायने रखता है कि उसने जो अनुभव किया है उसके साथ वह क्या करता है.
The critics don’t interest me because they’re concerned with what’s past and done, while I’m concerned with what comes next.
आलोचकों को मुझमें कोई दिलचस्पी नहीं है _क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता है कि क्या बीत चुका है और क्या हो चुका है, जबकि मुझे इस बात की चिंता है कि आगे क्या होगा.