मस्त विचार 4721
ठुकरा दो अगर दे कोई ज़िल्लत से समंदर,
इज़्ज़त से जो मिल जाये वो कतरा ही बहुत है,,
इज़्ज़त से जो मिल जाये वो कतरा ही बहुत है,,
शुरुआत जरूरी है…
यदि आप अपने पसंदीदा जीवन का एक तरीका खोजने के लिए पर्याप्त भाग्यशाली हैं, तो आपको इसे जीने का साहस खोजना होगा.
_ बस जो भी हुँ अपने दम पर हुँ ” यही मेरे लिए काफी है “
उन्हें खटखटाने की ताकत रखते हैं….!!
धीमी गति से ही सही मगर खुशी की बात है काम जारी है.
कमबख्त अगर हम ही इसे जीना ना सीख पाएं तो
इसमें जिंदगी की क्या गलती.
लगता है अब बस पढना ही पढना है..