मस्त विचार 4783

चार दिन की ज़िंदगी मैं किस किस से कतरा के चलूँ,

ख़ाक हूँ मैं, ख़ाक पर क्या ख़ाक इतरा के चलूँ..

सुविचार 4908

जो तुरंत किए जाने वाले कार्य को _ देर से करता है, _ वह बेवकूफ कहलाता है.

सुविचार 4907

सीख कभी भी किसी से भी मिल सकती है. जिससे सीख मिल रही है _ वह बेजान वस्तु है या कोइ भी प्राणी, वह बच्चा है या बुजुर्ग, वह ज्ञानी है या अज्ञानी, कोई फर्क नहीं पड्ता. जिसमें सीखने की प्रवृति है _ वो युवा ही हो सकता है…

मस्त विचार 4781

दुःख इस बात का नहीं होता, कि कोई हमें भूल गया है…

दुःख इस बात का होता है, कि वह हमें भूल गया है… जिसे हम याद कर रहे हैं….

मस्त विचार 4780

ज़िन्दगी की पहली और आख़िरी तलाश, एक ऐसे शख़्स की तलाश होती है..

जिसे हमारे होने से फ़र्क पड़ता है _ _ और ना होने से भी..

सुविचार 4905

खुद की अहमियत समझो _ हर वक्त खुले नज़र से दुनिया देखो _ यहां सम्भल गए तो जीवन सही रहेगा.

मस्त विचार 4779

” संघर्ष तो होना ही चाहिए “

यदि _ संतान को सब कुछ _ माता_पिता से ही मिल जाएगा,

तब सन्तान को _ अपने आप को _ साबित करने का _ मौका ही नहीं मिलेगा,

यह भी एक प्रकार की _ नाइंसाफी है.

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