सुविचार 4751
सकारात्मक विचारों को मन में जगह दें, निराशा का फंदा स्वतः ही खुल जाएगा.
सकारात्मक विचारों को मन में जगह दें, निराशा का फंदा स्वतः ही खुल जाएगा.
जो आपसे ज्यादा कुछ कर रहा है, उसके द्वारा कभी भी आपकी आलोचना नहीं होगी, _ कम करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा आपकी हमेशा आलोचना की जाएगी __ उसे याद रखो..
” शुक्र है,” हवा ज़माने की आईने को लगी नहीं.
_ सारा जग है तेरा, बह तू बन के हवा.!!
क्योंकि अच्छा आंखों तक पहुंच पाता है, जबकि सरल ह्रदय तक !!
यही आदमी की फ़ितरत है, बस खिलौने बदल जाते हैं “
दरिया मे कूद जाओ, तो रास्ता देता है॥
…क्योंकि, जिंदगी नहीं रहती पर अच्छी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं.