मस्त विचार 3669
_ *जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का !!*
_ ये जिंदगी है यार, हौसलों से चलती है..!!
_ *जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का !!*
_ ये जिंदगी है यार, हौसलों से चलती है..!!
यह मेरे जीवन का एक बड़ा विषय है, अपने बारे में सीखना और एक बेहतर इंसान बनना. मैं कार्य प्रगति पर हूं; मेरे पास हर दिन खुलासे होते हैं.
सब कुछ वैसा ही होता है जैसा उसे होना चाहिए था, और हम बस उसे प्रकट होते हुए देखते हैं. और आप इसे नियंत्रित नहीं कर सकते. _ पीछे मुड़कर देखने पर, आप यह नहीं कह सकते, “मुझे करना चाहिए था …” आपने नहीं किया, और आप होते, तो परिणाम कुछ और होता.
तकनीक बेहतर हो रही है. एक दिन ऐसा आएगा जब आप अपनी पसंद का कोई भी संगीत, कहीं भी, मांग पर, उस गुणवत्ता में सुन सकेंगे, जो उतनी ही अच्छी होगी, जितनी तब थी जब इसे बनाया गया था। चीजें उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
मुझे कभी भी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि मुझे कभी भी कुछ भी करते हुए पैसा कमाना है.
मुझे ऐसी चीजें पसंद हैं जो अनोखी और चरम हैं.
_ अपने मन की करते ही आपकी सारी अच्छाइयाँ ख़त्म हो जाती हैं..
_ “वर्ना” दूसरों के घरों में, अब कौन आता है…!!
_ जिन्हें दुनिया कुछ करने काबिल नहीं समझती.
एक साल में आप वही होंगे जो आप आज हैं सिवाय इसके कि आपने क्या सीखा है, _ रोज कुछ न कुछ पढ़े और, जो आप सीखते हैं उसे लागू करें, _ पढ़ते रहिये, करते रहिये, सफल होते रहिये.