मस्त विचार 4608
मुझे इल्म-ओ-अक़्ल उतनी ही देना मेरे साहिब,
कि कभी दख़ल न कर सकूँ तेरी रजा में..
कि कभी दख़ल न कर सकूँ तेरी रजा में..
_ तुम देर से मिले….. इतना नुकसान ही काफी है..!!
_ प्रत्येक सुबह का ध्यान हमें उस नए जीवन को इसी जीवन में लाने का अवसर प्रदान करता है.!!
_ _ क्योंकि जब आप उन्हें लेना बंद कर देंगे तो जीवन आपको अवसर देना बंद कर देगा.!!
मगर दूसरों को क्या करना चाहिए, उसकी सलाह सबके पास है.
जब आपका अपने विचारों पर नियंत्रण होता है, तो आपका अपने जीवन पर नियंत्रण होता है.
उसका अंतिम संस्कार अच्छाई ही करती है.