सुविचार 4937
एक उम्र के बाद _ उम्र गुज़र जाने का अफ़सोस ज़रूर होता है.
पर जो मौज में जीना चाहते हैं _ वो शिकायत नहीं करते..
तनाव सदा उसे होता है _ जिसे बार बार चेहरे बदलने पड़ते हैं.
दौर बुरा हो सकता है _ जिन्दगी नहीं..
*लेकिन इनकी छाप हमेशा दूसरों के हृदय में विराजमान रहती हैं ….*
वक़्त बतायेगा की सोना थे या फ़क़त मिट्टी थे हम.”
काँच टूटता है तो कुछ टुकड़े समेटने में नहीं आते ..!!
और जो इंसान _ यह हुनर सीख जाता है _ वो कभी भी दुखी नहीं होता.
लोगों को अपनी योजना न बताएं, _ उन्हें अपने परिणाम दिखाएं..