मस्त विचार 4599
तुम्हें पाना मेरी मंज़िल नहीं.- तुम्हें पूरी ज़िन्दगी खुश देखना मेरा सफ़र है..!!
कभी-कभी मंज़िल से ज़्यादा, साथ चलने वाले लोग मायने रखते हैं.!!
_ क्योंकि धूप कितनी भी तेज हो, समुद्र को सुखा नहीं सकती.
वरना हम तो जहां बैठते थे, वहीँ रौनक आ जाती थी..
जब ख्याल आता है मेरी गुज़री हुई जिंदगी के बारे में..