मस्त विचार 4830
जब तक आपकी सोच और विचार अच्छे नहीं हो जाते, तब तक आपके अच्छे दिन नहीं आते.
“हम दुनिया को जैसी है वैसी कम, और जैसे हम हैं.. वैसे अधिक देखते हैं”
लेकिन उसका अंजाम उसके बुरे वक्त में दिखता है.
आप भी इसे सुंदर बना सकते हैं.
बल्कि इसलिए क्योंकि उनके पास सबसे अधिक अनुभव { सही और गलत } है.
आप जो सीखते हैं उसे लें और उससे फर्क करें.
उन्हें खुद से ज्यादा दूसरों की पंचायती में रहने से मतलब है.
कि फ़िक्र में रहेंगे तो खुद जलेंगे ; बेफिक्र रहेंगे तो दुनिया जलेगी..