मस्त विचार 4927
“अपने ही शरीर को देखिए”
_ रब ने किस कदर भीतर की सारी गंदगी को ढक कर पेश किया उसे आपके सामने.!!
_ रब ने किस कदर भीतर की सारी गंदगी को ढक कर पेश किया उसे आपके सामने.!!
_ जब ज्ञान और चेतना की बात आती है, तो सब बिखर जाते हैं ताकि उन्हें अपना दिमाग इस्तेमाल न करना पड़े और ज़हमत न उठानी पड़े.!!
_ बस उनमें उलझे-उलझे ही गुज़ारा करना होता है.!!
_ पर असल में उन्होंने खुद के लिए भरोसे का दरवाज़ा बंद कर लिया.!!