सुविचार 4927
गंभीरता का गुण धारण कर लो, तो व्यर्थ टकराव से बच जाएंगे.
“इंसान को सबसे ज़्यादा वही अच्छा लगता है, जिससे कुछ देर के लिए उसका मन हल्का हो जाए”
आपका दिमाग आपकी भावनाओं से ज्यादा मजबूत होना चाहिए.
खुद के मालिक बनो_ स्वतंत्रता क्या होती है_ इसे जियो और जीने दो.
” यदि अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हो, _ तो आप एक गुलाम हो “.
अगर वो मेरे थे तो _ मेरे हुए क्यों नहीं..
एड़ियां उठाने से शख्सियत बड़ी नहीं होती…!!
सबसे पहले आप खुद पर विश्वास करना सीखिए..
_ यकीन करें आप किसी पर विश्वास करने के पहले आप खुद से एक बार राय जरूर लेंगे.
सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया..
किंतु _ उन रास्तों पर कभी ख़ुद नहीं दिखते