सुविचार 4865
मगर आत्मविश्वासी व सकारात्मक लोग ही डूबती नाव को बचा पाते हैं.
मगर आत्मविश्वासी व सकारात्मक लोग ही डूबती नाव को बचा पाते हैं.
ख़्वाब बुनूँ या ख़्वाहिशें रफ़ू करूँ..
अब ना जाने कितने टुकड़ों में बट गया हूं मैं !
उनका अनुभव करो_ क्योंकि वे आपको ऊंचा उठाने आए हैं…
_ पर उसको ठीक से पूरा करना धैर्य और परिश्रम का.!!
लेकिन लालच और अहंकार हमें भटका देते हैं.
आप उन चीजों के लिए अपनी आंखें बंद कर सकते हैं जिन्हें आप देखना नहीं चाहते हैं, लेकिन आप उन चीजों के लिए अपना दिल बंद नहीं कर सकते जिन्हें आप महसूस नहीं करना चाहते हैं.