Quotes by Franz Kafka

‘मैं तुम्हें नहीं समझा सकता’ _ मैं किसी को भी नहीं समझा सकता कि मेरे अंदर क्या चल रहा है. _ मैं खुद को भी यह नहीं समझा सकता.

I cannot make you understand. I cannot make anyone understand what is happening inside me. I cannot even explain it to myself.

” केवल मजबूत और गहरे जुनून वे हैं जो तर्क की परीक्षा में खड़े हो सकते हैं. “

” The only strong and deep passions are those which can stand the test of reason.”

किसी को या तो लोगों को वैसे ही स्वीकार करना होगा जैसे वे हैं, या उन्हें वैसे ही छोड़ देना होगा जैसे वे हैं.

_ कोई उन्हें बदल नहीं सकता, कोई केवल उनका संतुलन बिगाड़ सकता है.

_ आख़िरकार, एक इंसान एक टुकड़े से बना नहीं है, जिसमें से एक टुकड़े को निकालकर उसकी जगह कोई और चीज़ लगाई जा सके.

_ बल्कि वह एक संपूर्ण है, और यदि आप एक छोर खींचते हैं, तो दूसरा, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं, हिलना शुरू कर देता है.

One has either to take people as they are, or leave them as they are.

One cannot change them, one can merely disturb their balance.

A human being, after all, is not made up of single pieces, from which a single piece can be taken out and replaced by something else.

Rather he is a whole, and if you pull one end, the other, whether you like it or not, begins to twitch.

युवा प्रसन्न होता है क्योंकि उसमें सौंदर्य देखने की क्षमता होती है,;

सुंदरता देखने की क्षमता रखने वाला कोई भी व्यक्ति कभी बूढ़ा नहीं होता.

मैं केवल उसी चीज से प्यार कर सकता हूं जिसे मैं अपने ऊपर इतना ऊंचा रख सकता हूं कि मैं उस तक नहीं पहुंच सकता.
मनुष्य के साथ जुड़ाव व्यक्ति को आत्म-अवलोकन के लिए प्रेरित करता है.
‘अच्छी पुस्तक कुल्हाड़े की तरह हमारे अंदर जमे हुए बर्फ के दरिया को तोड़ देने की क्षमता रखती है’.
एक पुस्तक हमारे अंदर जमे हुए समुद्र के लिए एक कुल्हाड़ी की तरह है.
बहुत सी किताबें स्वयं के महल में महत्वपूर्ण कक्ष की चाबी की तरह है.
वह मरने से बहुत डरता है, क्योंकि वह अभी तक जीया नहीं है.
सो गया, जग गया, सो गया, जग गया, एक दु:खी जीवन है.
मैं आमतौर पर समस्याओं को हल करके उन्हें खा जाता हूँ.
मैं एक पिंजरा हूँ, और मैं एक चिड़िया की तलाश में हूँ..
जो स्वीकार्य है उसके बजाय जो सही है उससे शुरू करें.
जीवन का अर्थ ही रुकना है.

मस्त विचार 3435

बेजान चीजों को बदनाम करने के तरीके कितने आसान होते हैं,

_ लोग सुनते हैं छुप छुप कर और कहते हैं कि ” दीवारों के कान होते हैं “

तेरे जाने के बाद भी तुझे बदनाम नहीं किया,

_ लोगों ने बहुत पूछा तेरा नाम.. __ ..नहीं बताया..!!

सुविचार 3560

इन्सान जब सभ्य होता है तो उसके व्यवहार से मित्रता, प्रेम, सरलता, सहजता आदि गुण झलकतें हैं.

सुविचार 3559

चाहे कोई व्यक्ति कितना भी बुरा हो, _ उसमें कोई न कोई गुण अवश्य होता है.

सुविचार 3558

घमंड ना करना ज़िन्दगी में, तक़दीर बदलती रहती है…

_ शीशा तो वही रहता है, तस्वीर बदलती रहती है…!!!

Collection of Thought 874

Please stop overthinking. You can’t control everything. Just let it be and have faith…

कृपया अधिक सोचना बंद करें, _ आप सब कुछ नियंत्रित नहीं कर सकते, _ बस इसे रहने दो और विश्वास रखो..

मस्त विचार 3432

बेहद करीब है वो शख़्स, आज भी मेरे इस दिल के…

_ जिसने खामोशियों का सहारा लेकर, दूरियों को अंजाम दिया..

सुविचार 3557

न्यूनतम प्रयास में अधिकतम परिणाम प्राप्त करना ही बुद्धिमानी है.

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