सुविचार 3728
इरादे मजबूत रखो, फ़िर ज़हर उगलने वाले भी घुटने टेकेंगे.
इरादे मजबूत रखो, फ़िर ज़हर उगलने वाले भी घुटने टेकेंगे.
_अहंकार चाहता है कि मैं अपनी सभी असफलताओं को किसी और की गलती के रूप में देखूं.!!
_लेकिन जमीन से उगा हर किसी को चाहिए.
_ जमीन पर ही रहना समझदारी है..!!
*लेकिन बिना सवाल किये* _ *ख्याल रखने वाले**नसीब से मिलते हैं….!!*
_फिर उससे भिन्न बात को हम सोचते भी नहीं !!
कहो ” अकेला काफ़ी हूँ “
आशावादी बनें; हर समस्या या संघर्ष को बेहतर जीवन की _ सीढ़ी के रूप में देखें..
आशावादी व्यक्ति सदैव अपनी आशाओं को ऊँचा रखता है.