सुविचार 3652
_वरना आप एक नकारात्मक इंसान के रूप में जाने जाएंगे और लोग आपसे दूर रहने में ही अपनी भलाई समझेंगे.
चिड़चिड़ापन बढ़ेगा और लोग आपको एक नेगेटिव इंसान समझेंगे.
_वरना आप एक नकारात्मक इंसान के रूप में जाने जाएंगे और लोग आपसे दूर रहने में ही अपनी भलाई समझेंगे.
चिड़चिड़ापन बढ़ेगा और लोग आपको एक नेगेटिव इंसान समझेंगे.
_ उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ.
_ तीखे और कड़वे लोग अक्सर सच्चे होते हैं…
_ जब तक आंतरिक परिवर्तन नहीं होगा, बाहरी परिवर्तन कभी भी परफेक्ट नहीं हो सकता..!
_ जैसे ही जीवन में मिठास आती है, हम जीवन के प्रति लापरवाह हो जाते हैं.!
जीवन को वैसे ही स्वीकार करना और जितना हम कर सकते हैं उसे बेहतर बनाने की कोशिश करना..
शिक्षित होने वाला एकमात्र व्यक्ति वह है जिसने सीखना और बदलना सीखा है.
तथ्य हमेशा अनुकूल होते हैं, किसी भी क्षेत्र में प्राप्त किया जा सकने वाला प्रत्येक छोटा सा साक्ष्य, सत्य के बहुत अधिक निकट ले जाता है.
जब मैं दुनिया को देखता हूं तो मैं निराशावादी होता हूं, लेकिन जब मैं लोगों को देखता हूं तो मैं आशावादी होता हूं.
जिज्ञासु विरोधाभास यह है कि जब मैं खुद को वैसा ही स्वीकार करता हूं जैसा मैं हूं, तो मैं बदल सकता हूं.