Collection of Thought 1087
अपने आप को अपने शरीर से परिभाषित न करें .. यह अनंत है जो ब्रह्मांड में हर चीज से जुड़ा है.
अपने आप को अपने शरीर से परिभाषित न करें .. यह अनंत है जो ब्रह्मांड में हर चीज से जुड़ा है.
अकेलेपन का मतलब ये है की आपकी परवाह करने वाला कोई नहीं.
पर वो शख्स एक याद सा हो गया पूरी ज़िन्दगी के लिए…
समझो उस दिन से आपने जिंदगी का आनंद लेना शुरू कर दिया.
याद रखें जिन तारों में करंट नहीं होता उन पर लोग कपड़े सूखा दिया करते हैं.
फिर भी ना जाने क्यों उसका इंतजार रहता है..
वो आज रुक भी गया तो कल चला जायेगा.
आप किसी को आपका सम्मान करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, लेकिन आप अनादर से इंकार कर सकते हैं.
“हम किसी को वह देखने के लिए मजबूर नहीं कर सकते जिसे देखने के लिए वह तैयार नहीं है.!!