सुविचार 3486
_ निखरा हुआ आंतरिक रूप आपके जीवन में भी मंगल ही लाता है.
_ उतना ही बाहर से सँवरता और निखरता है.
_ निखरा हुआ आंतरिक रूप आपके जीवन में भी मंगल ही लाता है.
_ उतना ही बाहर से सँवरता और निखरता है.
_ कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा.
_ तो ‘ मुश्किल ‘ को ही ‘ मंजिल ‘ बनाएं.
जो प्रतिशोध के बजाय…परिवर्तन की सोच रखते हैं…
ये वो ” समझदार ” लोग हैं जो कभी ” कीचड़ ” में पत्थर नहीं मारते,
इसलिए इनके ” दिल ” और कपड़े हमेशा साफ और बेदाग़ होते हैं.
_ एक तन खराब करता है, दूसरा मन !!
_ इंसान केवल वही दे सकता है जो उसके अंदर भरा हो..
ऐसी दिशा में न जाएं, जहां किसी को बिना दुखी किए आप सुखी हो ही न सको ; _ हजार और उपाय हैं जीवन में आनंदित होने के..
वह सदैव नए फूलों के खिलने के निर्माण में व्यस्त रहता है…
जो कुछ हमने खो दिया जिंदगी में वह जीवन नहीं हैं..
हम अब क्या प्राप्त कर सकते हैं, यही जीवन है…
हँसकर खामोशी से चल राहों मे….