सुविचार 3398
“लोग उतने ही खुश रहते हैं, जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं.”
दूसरों को देखकर अपने को मत बदलो, सीखते चलो”
दूसरों को देखकर अपने को मत बदलो, सीखते चलो”
_ दौर बुरा हो सकता है, ज़िन्दगी नहीं..
– ” गलत को गलत बोलना सीखो -“
_ अब तो इतने काबिल हो गए कि_ हम उनके काबिल ना रहे !!!!
_ राहें नई भी खुलती हैँ तूफानों के गुजरने के बाद ..
हंसी और प्यार अनमोल उपहार हैं, इसलिए जोश के साथ जिएं – हंसें और जितना सांस लेते हैं उतना प्यार करें !
_ क्या हम सिर्फ लम्हों के गुलाम हैं ?