सुविचार 3415
किसी के लिए भावनाएं _ इंसान को कमजोर बनाती हैं,
_ लेकिन इंसान को खुशियां भी _ उन्हीं भावनाओं से ही मिलती है.
_ लेकिन इंसान को खुशियां भी _ उन्हीं भावनाओं से ही मिलती है.
_ आप की मंजिल की अहमियत जितनी आप जानते हो ” उतनी और कोई नहीं जानता “
_ पर जिंदगी अमीर बन गयी..
मेरी नजर का भी पर्दा उठा गया कोई.
रत्न मिलेंगे तुझको जब सागर की तह में जाएगा.
_ ना कि उन्हें सोच सोच कर दुखी होइए ..
_ क्योंकि कुछ बातों को गुप्त रखना भी एक चतुराई है.