मस्त विचार 3189

— खुद पुकारेंगी मंजिल तो ठहर जाऊंगा…!

वर्ना, खुद्दार मुसाफ़िर हूं ख़ामोशी से गुजर जाऊंगा…!!

सुविचार 3314

जिंदगी में कोई रहस्य है ही नहीं,

जानने वाले में ही कमी है _ सब कुछ सामने ही घटित हो रहा है.

मस्त विचार 3188

” न तो हर कोई आपको समझ सकता है और न आप हर किसी को समझ सकते हैं,

_ इसलिए अधिक सोचकर खुद को दुखी नहीं करें..
_ चलते रहें, प्रेम बिखेरते रहें और नियति से मिली हर चीज का स्वागत करते रहें “
नियति [Destiny] हमें जिन लोगों से मिलवाती है, उसके पीछे कोई वजह ज़रूर होती है…

_ या तो उनके कारण हमारे अपने जीवन में बदलाव आने वाला होता है..
_ या हम खुद उनके जीवन में परिवर्तन की वजह बन जाते हैं..!!
जीवन में अक्सर ऐसा होता है.

_ हमारी मर्जी की राह कोई मोड़ ले लेती है, और हम बेचैन हो उठते हैं.
_ लेकिन कभी-कभी वह मोड़, जो हमें खटकता है, किसी बड़े उद्देश्य की दिशा में ले जा रहा होता है,
_ जो आपके मन का हो जाए, वह तो वरदान है.
_ पर जब मन का न हो, तब भी भरोसा रखिए—कहीं न कहीं, कुछ ऐसा हो रहा है, जो आपके हित में है.
_ जीवन संयोगों और संभावनाओं का अद्भुत संगम है.
_ जो इन संयोगों को स्वीकार कर जीना सीख लेता है, वही असली सुख को पाता है.
_ तब अहसास होता है कि जो हमने अपने लिए चाहा था, उससे कहीं बेहतर किसी और ने हमारे लिए चाहा था.
_ मन को निर्मल रखिए.
_ प्रयास करते रहिए, लेकिन जो हो रहा है, उसे स्वीकार कीजिए.
_ अपनी इच्छाओं से ऊपर प्रारब्ध की मर्जी को जीना ही जीवन की सबसे बड़ी कला है.

सुविचार 3313

अपना बुरा वक्त खमोशी से गुज़ार दो, __ वरना दुनिया मज़ाक बना देती है.

सुविचार 3312

संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है, _ फिर चाहे वो कितना भी कमजोर क्यों ना हो.

सुविचार 3310

कई बार, दुःख दरअसल एक धक्का होता है, जो “वक़्त” इंसान को आगे धकेलने के लिए लगाता है…

लेकिन ज़्यादातर इंसान आगे बढ़ने की बजाय इस धक्के से गिर जाता है, और फ़िर गिर कर उठने में या तो बहुत देर लगाता है, या उठता ही नहीं…..

कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो किसी को आगे बेशक न ले जाएं,

_ मगर पीछे धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ते..!!

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