Collection of Thought 1124
“One cannot and must not try to erase the past merely because it does not fit the present.”
” अतीत को केवल इसलिए मिटाने की कोशिश नहीं की जा सकती है और नहीं करना चाहिए क्योंकि यह वर्तमान के अनुकूल नहीं है “
” अतीत को केवल इसलिए मिटाने की कोशिश नहीं की जा सकती है और नहीं करना चाहिए क्योंकि यह वर्तमान के अनुकूल नहीं है “
रोज नही तो उस पल हम याद तुम्हे आएंगे..
यही परेशानीयों की खास वज़ह भी है “
गर वो रोये तो उन्हे कौन हंसाता होगा।!!
सोच शुभ है तो, शुभता -फलित होती है, यही असली बात है,”
कि बात किसी से भी करूँ…. ख्याल तेरा ही आता है ….!!
न कोई साथ मिला ना ही कोई कारवाँ बना..
लेकिन उसे पाने की एक निश्चित प्रक्रिया पूर्ण करनी अनिवार्य होती है,”
वह अकेले कैसे जीता होगा.. यही सोच कर सिहर जाता हूँ…!!