सुविचार 4809
“नज़रिया ही असली चश्मा है, आपको वो ही दिखेगा,
जैसा आपने चश्मा पहना है “
जैसा आपने चश्मा पहना है “
” जिन्दगी ” के ” समंदर ” में हमेशा ” तुफान ” नहीं रहते…!!
वे हमेशा कहते हैं कि समय चीजों को बदल देता है, लेकिन वास्तव में आपको उन्हें खुद बदलना होगा.
अच्छा लगता है, ” है जिंदगी तो अपने हैं “
तो कुछ पल सुकूँ से जी लेते हम भी…
ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए।
जो भी आया है वो जायेगा एक दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए॥
हद से ज्यादा समझदारी ,,,,, जीवन को नीरस कर देती है.
” किसी दूसरे को नुकसान न पहुंचे “