मस्त विचार 3007
इबादत वो है जिस में जरूरतों का जिक्र न हो,
सिर्फ उसकी रहमतों का शुक्र हो.
सिर्फ उसकी रहमतों का शुक्र हो.
ज्यों ही विपदा चल बसी सहयोगी तैयार…
_बाद में दूसरों को सहयोग की सोचो’
मजबूत लोग दूसरों को नीचे नहीं गिराते, वे उन्हें ऊपर उठाते हैं.
जब आप को समझने वाला ही आपको गलत समझने लग जाए.
खिलौने, माशूका, रुतबा और फिर…खुदा…!
अरे मैं इतना भी बुरा नहीं जितना तुम सोचते हो.
यदि आप १ या २ बातों को आधार बना कर जीवन जीना शुरू करें तो आपको सफलता मिलनी शुरू हो जाएगी.