सुविचार 3119
भला ह्रदय के संकेतों की उपेछा कौन कर सकता है.
भला ह्रदय के संकेतों की उपेछा कौन कर सकता है.
बस हम ही जरुरत से ज्यादा उम्मीद कर बैठे थे उनसे.
_तो जूठे बर्तन धोना भी उसे फूल चुनने जैसा लगने लगता है.
क्योंकि दुनिया उसी को अपना आइडल बनाती है जो अपने खराब से खराब हालातों के बावजूद जीत कर दिखाता है.
जो पहले से जल रहा है उसे और क्या जलाना..
बस मन से मत हारिएगा. जीत निश्चित तौर पर आपकी ही होगी.
शरीर से तनाव को दूर करें और शरीर खुद को पुन: उत्पन्न करता है _ आप अपने आप को ठीक कर सकते हैं.
यूं ही हम लाजवाब नहीं हुए साहिब !
ये मत सोचिए – ? घर किसका रोशन हुआ.