सुविचार 4875

एक बार निर्णय पर पहुंच कर क्रियान्वयन की अवस्था में परिणाम की जिम्मेदारी

और उस की चिंता को ताक पर रख देना चाहिए.

सुविचार 4874

धन्यवाद में खोता कुछ नहीं है, मिलता बहुत है

और शिकायत में मिलता कुछ नहीं, खोता बहुत है;

सुविचार 4873

जब आपकी उपयोगिता बढ़ेगी तो आपकी अहमियत भी बढ़ जाएगी..

इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!

सुविचार 4872

खून के संबंध से ही कोई, अपना नही होता है, प्रेम, सहयोग, विश्वास,

निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.

विश्वास करना तब मुश्किल हो जाता है जब वही लोग, आपके सम्मान को गंदा करते

है, जो आपके साथ हैं.
दुनिया ने मुझे एक बात सिखाई-

_ यहाँ विश्वास से पहले विवेक ज़रूरी है, क्योंकि झूठ सिर्फ़ बोला नहीं जाता, कई बार उसे इतने विश्वास से परोसा जाता है कि लोग उसे सच मानने लगते हैं”
विश्वास पर ही तो दुनिया जिंदा है, वरना अगर ये न होता, तो न जाने क्या होता.

_ न रिश्ते टिकते, न अपनेपन का एहसास होता, न कोई किसी के लिए कुछ कर पाता.
_ सोचिए, अगर हर इंसान हर इंसान पर शक करने लगे, तो शायद दुनिया तो होती,
_ लेकिन उसे जीने लायक बनाने वाला सुकून कहीं खो जाता.!
– Nirarthak Nirarthak

मस्त विचार 4747

मैं चरागों की भला, कैसे हिफाज़त करता…!

_ वक़्त सूरज को भी हर रोज़ बुझा देता है….!!

सूरज ने कभी नहीं सोचा होगा कि उसके डूबने के बाद एक दीया भी इसकी कमी को पूरा कर सकता है.
_किसी को छोटा मत समझना.!!

सुविचार 4871

स्थिरता की उम्मीद हम अक्सर ही दुनिया से करते हैं,

यह जानते हुए भी कि यहाँ कुछ स्थिर नहीं है.

Collection of Thought 1132

You don’t have to lead, if you have the heart to come from behind.

यदि आपके पास पीछे से आने का दिल है तो आपको नेतृत्व करने की आवश्यकता नहीं है.

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