मस्त विचार 2981
तो ख़्वाबों के चिराग अक्सर बुझ जाया करते हैं.
तो ख़्वाबों के चिराग अक्सर बुझ जाया करते हैं.
काश कोई बोर्ड दिख जाए, जिस पर लिखा हो…..” सुकून..0,कि. मी. “
उतना ही मिलो किसी से जितना वो मिलना चाहता है.
वरना फितरत थी गैरों पर भी भरोसा करने की.
बासी सोच से समय बासने लग जाता है,”
ज़मीर ज़िंदा हो तो आप अकेले भी पर्याप्त हैं.
_ स्वयं पर विजय पाकर आनंद मिलता है.
मगर उसमें गांठ पड़ ही जाती है.
इंसान बहुत कुछ कर सकता है.
जो आपके पास है उसके लिए आभारी रहें ; आप अंत में और अधिक प्राप्त करेंगे _
_यदि आप उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आपके पास नहीं है, तो आपके पास कभी भी पर्याप्त नहीं होगा.