मस्त विचार 3139

मुझसे किसी से सिर्फ इसलिए नफरत करने की उम्मीद न करें, _ क्योंकि आप उससे नफरत करते हैं.

मैं आपको बताना चाहता हूं, नफरत एक छूत का रोग नहीं है, _ अपने नफरत के वीरो को अकेले भुगतो और मुझे शामिल मत करो.

नफरत मेरी इतनी भी सस्ती नहीं, _ जो मैं तुम पर जाया करूँ..!!

सुविचार 3264

जो इनसान खुद से प्यार नहीं कर सकता, वो किसी से प्यार नहीं कर सकता.

और जो खुद से प्यार करना जानता है, _ वो इंसान कभी हालातों से हार नही सकता..

सुविचार 3263

स्वयं को इच्छाओं से मुक्त करने का एक ही तरीका है कि _ उनसे मुँह फेर लिया जाए

और अपनी नज़र वास्तविकता पर टिका दी जाए

शुद्ध मन केंद्रित रहता है, इसलिए अपने भीतर ही अपनी दिशा खोज लेता है.
जब भीतर गहराई रहती है, तो मन में लहरें कम उठती हैं.

मस्त विचार 3137

किसी हारे हुए से मिलो कभी… तो यह मत पूछना, कि वह कैसे हार गया…

हो सके तो उसे बताना… कि वह जीत कैसे सकता है..

सुविचार 3262

जिम्मेदारी उसको कहते हैं, जब हमारी समझ हमको यह कहती है कि, यह काम मेरे द्वारा हो सकता है

और इस काम को कर लेने पर मेरे आस- पास मेरे प्रियजनों को, मेरे संबंधियों को सुख होगा और मुझे वह सुख पहुँचाना है.

सुविचार 3260

हिंदी में एक कहावत है… “बाज़ के बच्चे मुँडेर पर नही उड़ते.

_ “बेशक अपने बच्चों को अपने से चिपका कर रखिए, पर उसे दुनियां की मुश्किलों से रूबरू कराइए,
_ उन्हें मुश्किलों से लड़ना सिखाइए, बिना आवश्यकता के भी संघर्ष करना सिखाइए.
_ एक बात हमेशा याद रखिए…
_”गमले के पौधे और जंगल के पौधे में बहुत फ़र्क होता है.!!
चार दिन बाज के ना उड़ने से.. आसमान कबूतरों का नहीं होता.!!
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