सुविचार 3071
हम जिस विचार पर अत्यधिक प्रतिक्रिया करते हैं, वही हमारी परिस्थितियां बन जाती हैं,
चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.
चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.
दूसरों की शिनाख्त में तो, हर शख्स माहिर है..
जो वक़्त आने पर वक़्त दिया करते हैं.
जो सही है उसके लिए खड़े रहें, तब भी जब _ इसका मतलब _ आपको अकेले खड़ा होना पड़े.
भले ही तीन-लोक का राज मिलता हो, मौज़ से कीमती कुछ नहीं होता, “
ताकि आपका भविष्य आपके अतीत से बेहतर हो.
बेशक कमियां होंगी, पर खूबियां भी तो होंगी.