सुविचार 3075
अधिकाधिक प्रेम करने से प्रेम घटता नहीं
बल्कि हमें और अधिक प्रेम मिल जाता है.
बल्कि हमें और अधिक प्रेम मिल जाता है.
आप जितना जानते हैं _ उससे कहीं अधिक सक्षम हैं _ अपनी महानता को उजागर करने से डरो मत.
बीमारी भी सफलता की ही लगेगी.
मुझे कुछ चीजें पसंद तो है, मगर चाहिए नहीं…
नौकर सहायता के लिए है न कि ऐश व आराम के लिए.
अगर उसे बदल नहीं सकते तो अपना रवैया बदल दो. शिकायत मत करो.
बिना किसी अपवाद के यह सभी बातों के लिए सच है.”
दहलीज हूं दरवाजा हूँ लेकिन दीवार नहीं हूं मैं..
चेहरे पर झुर्रियाँ अपनो से दूरियां.
तब आपका नसीब भी जागा हुआ रहता है,”