सुविचार 3062

हर इंसान में कमी और विशेषता दोनों होती है, अतः यह निश्चित है,

कि हम जो देखना चाहेंगे, हमें वही नज़र आने लगता है.

सुविचार 3061

असलियत के प्रति आंतरिक जागृति ही प्रेम है.

जागृत से जागृत हुआ जाता है, सोए हुवे सुला देते हैं.!!

Collection of Thought 776

Climb the mountain so you can see the world, not so the world can see you.

पहाड़ पर चढ़ो ताकि तुम दुनिया देख सको, इसलिए नहीं कि दुनिया तुम्हें देख सके.

मस्त विचार 2935

फैसला ये है कि अब आवाज भी नहीं देनी किसी को…

_ हम भी तो देखें, कौन कितना तलबगार है हमारा…

अब मैं तेरे लिए खामोश हूँ, जो कभी “मैं मेरा तलबगार था”

_ ये बात अब भी मुझे याद है कि “तू कभी मेरा प्यार था”

सुविचार 3060

एक बार जब किसी काम में दिलचस्पी पैदा हो जाए, तब अनुशासन की भी जरुरत नहीं रहती.

सुविचार 3059

एक दिन हम और आप महज एक याद बन कर रह जाएंगे,

कोशिश कीजियेगा कि यादें अच्छी बनी रहें…!!

मस्त विचार 2934

उजाले के लिए काफी नही है सूरज का निकल आना,

_ यह भी जरूरी है कि आंखें खुली रहे.

किसी दिन जब सूरज बादलों के पीछे छिप जाया करता है और दिनभर नहीं निकलता तो.. हमें उतना फर्क नहीं पड़ता..

_ जितना कि घर की बिजली एक दिन के लिए गुल हो जाने पर हम चिड़चिड़े से हो जाते हैं,
_ न मिल के भी उदास नहीं करती हैं पहुँच से दूर की चीजें, कचोटती वो हैं जो पास में होकर भी न मिले…!

सुविचार 3058

अपनी प्रचुरता को उनके साथ बाँटें जो असमर्थ हैं,

उदारता हमारी स्वाभाविक दशा है.

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