मस्त विचार 3081
किसी को पाकर खोकर भी देख लिया….
जिंदगी वही जी सकता है जिसने अकेले जीना सीख लिया…!!
किसी को पाकर खोकर भी देख लिया….
जिंदगी वही जी सकता है जिसने अकेले जीना सीख लिया…!!
वो एकदिन सबको बताएंगे कि वो आपसे कैसे मिले थे.
जिससे वो चारो तरफ अप्रिय बन जाता है ..
बस वह दूर हो जाता है उन लोगों से, जिनको उसकी कदर नहीं होती.
आप जिस किसी से भी मिलते हैं, उसके पास आपको सिखाने के लिए कुछ न कुछ होता है.
जीवन के हर कदम पर प्रगति का अहसास होगा.
जबकि जागरूकता यह देखती है कि चेतना किस तरह काम करती है.
पत्थर तो नहीं बना पर मोम भी नहीं रहा.
बशर्ते कि लोगों के अन्तःकरण पारस्परिक प्रेम−भावनाओं को स्थिर रख सकें.