मस्त विचार 3030
आज आईने के सामने खड़े हो कर खुद से माफ़ी मांग ली मैंने,
सब से ज्यादा खुद का ही दिल दुखाया है दूसरों को खुश करने में.
सब से ज्यादा खुद का ही दिल दुखाया है दूसरों को खुश करने में.
कभी तो छोड़ दीजिये कश्तियों को लहरों के सहारे..
अपनो के अपनत्व का, तब दिखता है साँच ।।
_ मुलाक़ात चाहे जब हो..अपनेपन का अहसास तो रोज महसूस होता रहे..!!
अपने आप को सकारात्मक लोगों के साथ घेरें जो बारिश होने पर आपका समर्थन करेंगे, न कि केवल चमकने पर.
तो शायद वो आपसे अंजान हैं.
कोई बिखर के मुस्कुराया तो कोई मुस्कुराकर बिखर गया ,,,