मस्त विचार 2987
खुद को पढता हूँ, फिर छोड़ देता हूँ !
एक पन्ना जिंदगी का मैं, रोज मोड़ देता हूँ !!
एक पन्ना जिंदगी का मैं, रोज मोड़ देता हूँ !!
_ पर सज़ा वहां मिली जहां बेकसूर थे !!
गलतियाँ हमें इंसान बनाती हैं, असफलताएं हमें बढ़ने में मदद करती हैं, _ आशा हमें चलती रहती है और प्रेम ही वह कारण है जिससे हम जीवित हैं _ सीखते रहें, प्यार करते रहें और जीते रहें.
_ दोनों का आनन्द समभावी बन कर लेने की कोशिश कीजिए, जीवन सुखमय होगा.
मैं उम्र काटता नही, जिंदगी जिया करता हूँ…
यह पूछ कर कितने लोगों ने धोखे दिए…
_ जिन्होंने आशा न होते हुए भी प्रयास जारी रखा..