सुविचार 3117
जब आप गिरेंगे, तभी तो ऊपर उठेंगे. फिर गिरेंगे, तो फिर उठेंगे.
बस मन से मत हारिएगा. जीत निश्चित तौर पर आपकी ही होगी.
बस मन से मत हारिएगा. जीत निश्चित तौर पर आपकी ही होगी.
शरीर से तनाव को दूर करें और शरीर खुद को पुन: उत्पन्न करता है _ आप अपने आप को ठीक कर सकते हैं.
यूं ही हम लाजवाब नहीं हुए साहिब !
ये मत सोचिए – ? घर किसका रोशन हुआ.
मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अंदर ही एक जमाना है…!
_ किरदार जिनके खुद के मरम्मत मांग रहे हैं.