मस्त विचार 3014
ना उसने कभी बांधा ना मैंने कभी छोड़ा…
ना उसने कभी बांधा ना मैंने कभी छोड़ा…
अकेले हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं ;
अकेले हम कागज हैं, मिल जाएं तो किताब हैं;
” जीवन का आनन्द मिलजुल कर रहने में ही है ”
हम वहां काम आते हैं..जहां सब साथ छोड़ जाते हैं.
यही जीवन का प्रबंधन कहलाता है.
जब कोई सुनने वाला नहीं होता.
हम अपने दिलों को ऐसे फूलों की तरह कैसे बना सकते हैं ?
याद रखिये आपका काम अपनी फैमिली की जरूरतों का ध्यान रखना, उन्हें खुश रखना है,
पूरी दुनिया को इम्प्रेस करना नहीं.
अंधेरा वहां है, जहां मन गरीब है …!!
जब कोई उदास महसूस कर रहा हो तो _ उसे मुस्कुराना _ दुनिया की सबसे अच्छी भावनाओं में से एक है.
जिंदगी भर दौड़कर भी कहीं नहीं पहुँच पाते,”