Collection of Thought 797
We do not remember days. We remember moments.
हमें दिन याद नहीं रहते _ हम लम्हों को याद करते हैं.
हमें दिन याद नहीं रहते _ हम लम्हों को याद करते हैं.
अपनों से बेरुखी से पेश आना, हुजुर अच्छा नहीं होता..
हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा….”
और जब खूब वक्त देंगे तो वे कहेंगे आजकल फ़्री हो बहुत, कोई काम नहीं है क्या ?…..!!!
फिर दुनिया चाहे आपके बारे में जो भी सोच रखे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता.
वही लोग दुनिया बदल सकते हैं.
लोग अक्सर खिले हुए, फूल को तोड़ देते हैं.
तो वह आपको पूरे जीवन भर परेशान करेगा.