मस्त विचार 3032
अच्छे दिन के आने कि आस में ना जाने हम कितने अच्छे दिनों को गंवा बैठे हैं,
_ क्या आपने कभी महसूस किया है कि हम कभी कभी बेफिजूल के दुखी रहते हैं ?
_ क्या आपने कभी महसूस किया है कि हम कभी कभी बेफिजूल के दुखी रहते हैं ?
एक सकारात्मक दृष्टिकोण बहुत आभार लाता है ! सकारात्मक सोचें, सकारात्मक रहें, सकारात्मक बोलें और सकारात्मक रहें _ इसे हर दिन करें और बड़ा करें.
और संबंधों में दरार आने लगती है.
लेकिन लोग वैसे भी नही होते जैसे नजर आते है.
सब से ज्यादा खुद का ही दिल दुखाया है दूसरों को खुश करने में.
कभी तो छोड़ दीजिये कश्तियों को लहरों के सहारे..
अपनो के अपनत्व का, तब दिखता है साँच ।।