सुविचार 3153
भेजते रहिए अपनेपन के रंग एक दूसरे तक….
_ मुलाक़ात चाहे जब हो..अपनेपन का अहसास तो रोज महसूस होता रहे..!!
कितनी अनोखी है यह दुनिया _ जिसमें एक छोटी सी मुलाक़ात _एक इंसान को दूसरे इंसान से जोड़ देती है !! “जुड़ना बहुआयामी होता है”
_ मुलाक़ात चाहे जब हो..अपनेपन का अहसास तो रोज महसूस होता रहे..!!
अपने आप को सकारात्मक लोगों के साथ घेरें जो बारिश होने पर आपका समर्थन करेंगे, न कि केवल चमकने पर.
तो शायद वो आपसे अंजान हैं.
कोई बिखर के मुस्कुराया तो कोई मुस्कुराकर बिखर गया ,,,
और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो.
लेकिन पहचान अपने दम पर ही बनानी पड़ती है..
दुनिया को देखकर जो फैसले लेते हैं वो दुखी ही रहते हैं.
हर शख्स अपनी हद में बेहद लाजवाब होता है..!!