सुविचार 3015
बुरा वक़्त इसलिए आता है ताकि हम अच्छे वक़्त की कीमत जान सकें और
लोग इसलिए बदल जाते हैं ताकि हम उनके असली चेहरे पहचान सकें कि
वो क्या थे और हम क्या समझ रहे थे.
बुरा वक़्त इसलिए आता है ताकि हम अच्छे वक़्त की कीमत जान सकें और
लोग इसलिए बदल जाते हैं ताकि हम उनके असली चेहरे पहचान सकें कि
वो क्या थे और हम क्या समझ रहे थे.
सहारे कितने भी अच्छे हो…साथ छोड़ जाते हैं.
if you want a different result then think differently.
आपके जीवन में सब कुछ आपकी पसंद का प्रतिबिंब है,
अगर आप एक अलग परिणाम चाहते हैं तो अलग तरीके से सोचें.
धैर्य और संतोष हो तो निर्धनता बुरी नहीं लगती, कपड़े साधारण भी हो किन्तु साफ़ सुथरे और धुले हुए हो तो बुरे नहीं लगते, भोजन सादा हो पर ताजा और गरम हो तो बुरा नहीं लगता, सेवा भावी और मधुर भाषी कुरूप भी हो तो भी बुरा नहीं लगता, घर छोटा और साधारण हो पर साफ़ सुथरा व्यवस्थित हो तो बुरा नहीं लगता, तन स्वस्थ और मन प्रसन्न हो तो कुछ भी बुरा नहीं लगता !!!
अब ये है कि …. ज़िन्दगी आ रहा हूँ मैं.
लेकिन Limit में करो तो Life बना देता है..
क्योंकि बहस तो आजकल हर कोई कर लेता है.
बस यूँ समझ लिजिये…आप खुश हैं तो,,,खुश हैं हम….
और जिस जिंदगी में सुकून नहीं तो धत ऐसी जिंदगी को..