सुविचार 3077
अहम् का इस्तेमाल दूसरों को आहत करने के लिए नहीं
बल्कि स्वयं को यह बताने के लिए है कि मैं पहले से बेहतर प्रयास कर सकता हूँ.
बल्कि स्वयं को यह बताने के लिए है कि मैं पहले से बेहतर प्रयास कर सकता हूँ.
नफरत करता है जो वो भी हमें चाहेगा…
बल्कि हमें और अधिक प्रेम मिल जाता है.
आप जितना जानते हैं _ उससे कहीं अधिक सक्षम हैं _ अपनी महानता को उजागर करने से डरो मत.
बीमारी भी सफलता की ही लगेगी.
मुझे कुछ चीजें पसंद तो है, मगर चाहिए नहीं…
नौकर सहायता के लिए है न कि ऐश व आराम के लिए.
अगर उसे बदल नहीं सकते तो अपना रवैया बदल दो. शिकायत मत करो.
बिना किसी अपवाद के यह सभी बातों के लिए सच है.”