सुविचार 3149
” जैसी करनी वैसी भरनी ” _किसी तरह हमारे कर्मों का फल हमें मिल जाता है.
” जैसी करनी वैसी भरनी ” _किसी तरह हमारे कर्मों का फल हमें मिल जाता है.
क्योंकि वो छोटा सोचते हैं और उसे हासिल भी कर लेते हैं.
बस, अब परिंदों के दिमाग से पिंजरा निकालना बाकी है..!!
जीवन में मिले साधन जीवन यात्रा को पूर्ण करने के लिए हैं, उनमे उलझ कर न रह जाएँ.
आपके पास जो है उसके लिए आभारी रहें, जो आपके पास नहीं है उसके लिए कड़ी मेहनत करें.
हम अकेले ही पूरी महफ़िल के बराबर हैं.
पर इतना सीखाया के मालामाल कर दिया।
हंसते को रुलाया कभी रोते को हंसाया,
इतना कहूंगा जिंदगी कमाल कर दिया।
हम क्या करते हैं वही महत्वपूर्ण है.