सुविचार 3064

आपके मन में अगर किसी को दुःख देने का जरा सा भाव है तो आप अपने लिए बीज बो रहे हो, क्योंकि आपके मन में जो दुःख देने का बीज है, वह आपके मन की धरती में गिरेगा, किसी दूसरे के मन की धरती में नहीं गिर सकता । बीज तो आपके अंदर है पेड भी आपके अंदर ही होगा और फल भी आपको ही भोगना पड़ेगा..

मस्त विचार 2938

लोगों को मुझसे तकलीफ है बदल गया हूँ मैं,

मुझे लोगों से तकलीफ़ है, की वो क्यों नही बदल रहे.

सुविचार 3062

हर इंसान में कमी और विशेषता दोनों होती है, अतः यह निश्चित है,

कि हम जो देखना चाहेंगे, हमें वही नज़र आने लगता है.

सुविचार 3061

असलियत के प्रति आंतरिक जागृति ही प्रेम है.

जागृत से जागृत हुआ जाता है, सोए हुवे सुला देते हैं.!!

Collection of Thought 776

Climb the mountain so you can see the world, not so the world can see you.

पहाड़ पर चढ़ो ताकि तुम दुनिया देख सको, इसलिए नहीं कि दुनिया तुम्हें देख सके.

मस्त विचार 2935

फैसला ये है कि अब आवाज भी नहीं देनी किसी को…

_ हम भी तो देखें, कौन कितना तलबगार है हमारा…

अब मैं तेरे लिए खामोश हूँ, जो कभी “मैं मेरा तलबगार था”

_ ये बात अब भी मुझे याद है कि “तू कभी मेरा प्यार था”

सुविचार 3060

एक बार जब किसी काम में दिलचस्पी पैदा हो जाए, तब अनुशासन की भी जरुरत नहीं रहती.

error: Content is protected