सुविचार 2992
उसका दूसरा पहलू भी हो सकता है…
अतः किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें, और समझ कर फैसला करें..
उसका दूसरा पहलू भी हो सकता है…
अतः किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें, और समझ कर फैसला करें..
_ ” हया ” के दायरे में रह कर ,,,, ” इकरार ” किया है हमने !!
नरम लफ़्ज़ों में ठोस बात कहिए.
अपने आप को आगे बढ़ाते रहें _ जो भी इसे चाहिए दो _ आप जल्द ही अंतिम बाधा से छलांग लगाएंगे और वहीं पहुंचेंगे जहां आप होना चाहते हैं.
#क्योंकि_ढलान_भी_वहीँ_से_शुरू_होती है.
_ कोई भी कमज़ोर क्षण वस्तुतः कमज़ोर नहीं होता, वह हमें एक मज़बूती की ओर ले जाता है.
आप सुखी न हो पाओ इसके वो सारे उपाय करता है,
और मनुष्य ख्वाहिश को…….कभी मरने नहीं देता.
कोई लिख रहा है तो कोई पढ रहा है.
एकाग्रता मन की सर्वोत्तम स्थिति है, एकाग्रता बढ़ाते जाइए मन को शक्ति शाली और स्वयं को सफल बनाते जाइए !
कि हम किसी के लिए हमेशा #ख़ास नहीं रह सकते.