सुविचार 3059
एक दिन हम और आप महज एक याद बन कर रह जाएंगे,
कोशिश कीजियेगा कि यादें अच्छी बनी रहें…!!
कोशिश कीजियेगा कि यादें अच्छी बनी रहें…!!
_ यह भी जरूरी है कि आंखें खुली रहे.
उदारता हमारी स्वाभाविक दशा है.
मेरी अपनी मंजिलें मेरी अपनी दौड़.
गुरूर की जंग में अक्सर जुदाई जीत जाया करती है…!
एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण मनोभाव होता है.
मुठी से गिरा देते, पाँव से उड़ा देते…
_ सिर्फ सच्चाई ही बनी रहेगी.
कभी – कभी आप एक पल का सही मूल्य तब तक नहीं जान पाते जब तक कि वह एक स्मृति न बन जाए.