मस्त विचार 2950
मेहनत का नशा कीजिए,
बीमारी भी सफलता की ही लगेगी.
बीमारी भी सफलता की ही लगेगी.
मुझे कुछ चीजें पसंद तो है, मगर चाहिए नहीं…
नौकर सहायता के लिए है न कि ऐश व आराम के लिए.
अगर उसे बदल नहीं सकते तो अपना रवैया बदल दो. शिकायत मत करो.
बिना किसी अपवाद के यह सभी बातों के लिए सच है.”
दहलीज हूं दरवाजा हूँ लेकिन दीवार नहीं हूं मैं..
चेहरे पर झुर्रियाँ अपनो से दूरियां.
तब आपका नसीब भी जागा हुआ रहता है,”
चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.
दूसरों की शिनाख्त में तो, हर शख्स माहिर है..