सुविचार 2979
अगर हम किसी के दुख का कारण हैं तो हमारा जीवन व्यर्थ है,
और अगर किसी के सुख की वजह हैं, तो ही हमारे जीवन का कुछ अर्थ है.
और अगर किसी के सुख की वजह हैं, तो ही हमारे जीवन का कुछ अर्थ है.
_किसी के बारे में बोलने के बजाय किसी के साथ बोलना शुरू कर दो.
मगर मेरे अनुभव मुझे इसकी इजाज़त नहीं देते.
तब कहीं जाकर अपने पास आ पाए हैं.
कदर नहीं अफ़सोस कहलाता है…
लोग गलतफहमी में हैं, कि शायद कहीं मरहम बिकता है...
मैं कैसा महसूस करता हूं, इसका मैं प्रभारी हूं और आज मैं HAPPINESS को चुन रहा हूं.
जिन्दगी को ख़ुशी का नजारा मिला.