मस्त विचार 2855
निकले थे इस उम्मीद से की कर लूँ तुम्हें तलाश,
तुमने तो हमे उम्र भर का मुसाफिर बना दिया.
तुमने तो हमे उम्र भर का मुसाफिर बना दिया.
इक तेरी मुह्ब्ब्त ही काफ़ी है दुनियाए- सरकार हमको.
और अगर किसी के सुख की वजह हैं, तो ही हमारे जीवन का कुछ अर्थ है.
_किसी के बारे में बोलने के बजाय किसी के साथ बोलना शुरू कर दो.
मगर मेरे अनुभव मुझे इसकी इजाज़त नहीं देते.
तब कहीं जाकर अपने पास आ पाए हैं.
कदर नहीं अफ़सोस कहलाता है…
लोग गलतफहमी में हैं, कि शायद कहीं मरहम बिकता है...
मैं कैसा महसूस करता हूं, इसका मैं प्रभारी हूं और आज मैं HAPPINESS को चुन रहा हूं.