मस्त विचार 2846
लेकिन … मेरे फल सबके लिए हैं.
लेकिन … मेरे फल सबके लिए हैं.
क्षमा हमारा हृदय छू जाती है.
अपने आप से पूछें कि वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है और फिर अपने उत्तर के आसपास अपना जीवन बनाने का साहस करें.
बड़े नसीब से मिलता है आदमी का लिबास.
मन की इच्छाए श्रेष्ठ कर्मो में, अच्छे कर्मो में अक्सर बाधा खड़ी करती हैं, अतः श्रेष्ठ कर्मो को सर्वोपरि मानने वाले इच्छा से रहित होते है, जो योग्य है वही कर्म करते है ! इच्छा शेष होना, इच्छा रहित होना जीवन की श्रेष्ठतम उपलब्धि है !!!
हमेशा आप से कोई * बड़ा * होता है.
श्रेष्ठता का आधार हमारी ऊँची सोच पर निर्भर करता है….
अब “आय” में बड़े का सम्मान होता है.
क्योंकि जिंदगी तो, 10% आप इसे कैसे बनाते हैं और 90% आप इसे कैसे अपनाते हैं, यह है.
_ तो यकीन मानिए _ आप उसे कर भी सकते हैं..