सुविचार 2894

हम सभी की आन्तरिक ऊर्जा सृजन के लिए बहती है

लेकिन जब हम उसे दिशा नहीं दे पाते, तो वह विनाश की ओर चली जाती है.

मस्त विचार – पँख पखेरू समय कैसे उड़ जाता है – 2768

पँख पखेरू समय कैसे उड़ जाता है,

रिश्ता, यादों की परत दर परत ,
दिल मे सजता जाता है।
कल तक जो गोद से भी,
उतरने में कतराता था।
आज भविष्य की रचना करने,
कैसे सबको छोड़, दूर इतनी निकल जाता है।
बोझिल हो जाता है मन,
आँखें फव्वारा बन जाती है,
जिगर के टुकड़ों की ये दूरी,
दिल को बड़ा रुलाती है।
पूरा घर महकता था जिनकी साँसों से,
आज सिसक रहा है बस,
खालीपन के एहसासों से।
ये कैसी मजबूरी है,
कैसी ये, अपनो से अपनो की दूरी है ??
बरस महीनों आते है, मिलने के चंद लम्हें,
समय गुजरते ही, यादें नित नयी दे जाता है,
सूनेपन के कुछ और लम्हे जोड़ जाता है
पत्थर से दिल को भी सागर कर जाता है।
माना यही समाज की रीति है,
आदमी कोने कोने में बस जाता है,
अपनों से दूर चला जाता है ।
जीवन की आपाधापी में,
जब जीना चाहते है अपनों के संग,
समय बहुत तंग हो जाता है
पूरा जीवन पैकेज की गुजर बसर में,
यूँ ही गुजर जाता है,
अपना भविष्य ही अपना,
अतीत बन जाता है,
जीवन सूना कर जाता है,
पल पल, हर पल बहुत रुलाता है ।
।। पीके ।।

सुविचार 2892

सिर्फ़ एक स्वार्थ का साथ छोड़ दो…

जिन्दगी में हर कोई आप का हाथ थामने को तैयार रहेगा…

सुविचार 2891

जीवन में हम असली सफलता तभी हासिल कर सकते हैं,

जब हम दूसरों को भी सफल होने में मदद करें.

गढ्ढे से निकालने में उसकी मदद करो, जो ख़ुद भी निकलने का प्रयास करता हो.!

_ अन्यथा उसको निकालने में आप भी गढ्ढे में गिरेंगे.!!

मस्त विचार 2766

शिकायत : मेरी सोच से क्यूँ ! रवैया : अपना भी तो बदल.
एक बुरा रवैया एक पंचर टायर की तरह होता है,

_जब तक आप इसे नहीं बदलते तब तक आप कहीं नहीं जा सकते.!!

सुविचार 2890

खुद को खुद के अंदर ही सर्च करो,

कभी अपने कर्मों पर भी रिसर्च करो…!!

मस्त विचार 2765

उम्र के साथ नज़रिया बदलने में ही फ़ायदा है …

_ क्योंकि अब हमदर्द हमउम्र भी कहाँ मिलते हैं ?

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