सुविचार 3041
पर भीड़ में रह कर भी एकांत- सा अनुभव करना परम मूल्यवान है.
पर भीड़ में रह कर भी एकांत- सा अनुभव करना परम मूल्यवान है.
और मरे लोगों की तारीफ होती है.
आप सभी के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते, लेकिन आप हमेशा उसके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे जो आपके योग्य है.
जब तक मैं जीत नहीं जाता.
क्योंकि आपकी प्रतिक्रिया के बिना ये दोनों ही शक्तिहीन हैं..
लेकिन साथ ही वे वस्तुएं छीन लेता है जो पैसे से नहीं खरीदी जा सकती.
अगर वही शब्द कोई आपसे कहे तो आपको कैसा महसूस होगा…
कल किसी और के, परसों फिर शायद आपके…
आदमी कुछ खोता ही रहा, कुछ पाने के लिए..
_ काँटों के साथ तालमेल बना कर रखने की कला तो सीखनी ही होगी !
_ लोगों की मोहब्बत में पत्ता-पत्ता बिखर गया…