सुविचार 2886
हमें डर इसलिए लगता है क्योंकि हम जीवन के साथ नहीं जी रहे हैं,
हम केवल अपने दिमाग के साथ जी रहे हैं.
हम केवल अपने दिमाग के साथ जी रहे हैं.
क्योंकि वह व्यक्ति पहले से ही आपसे नीचे है !
दूसरों को खुशबू देने वाले, अक्सर यूं ही कुचले जाते हैं.
_ बाकि पत्थर तो लोगों का रास्ता रोकते ही हैं ..
जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाते हैं.
इस साधारण बात के मायने गहरे हैं. हर इंसान के लिए.. हम सबके लिए
अपने माध्यम से किसी को क्या सच में कुछ आनंद प्राप्त हुआ, यह देखना भी होता है।
बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता
समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.
यादगार हो गये तुम अब जिदंगी भर के लिए..!