सुविचार 3061
असलियत के प्रति आंतरिक जागृति ही प्रेम है.
असलियत के प्रति आंतरिक जागृति ही प्रेम है.
जागृत से जागृत हुआ जाता है, सोए हुवे सुला देते हैं.!!
पहाड़ पर चढ़ो ताकि तुम दुनिया देख सको, इसलिए नहीं कि दुनिया तुम्हें देख सके.
_ हम भी तो देखें, कौन कितना तलबगार है हमारा…
_ ये बात अब भी मुझे याद है कि “तू कभी मेरा प्यार था”
कोशिश कीजियेगा कि यादें अच्छी बनी रहें…!!
_ यह भी जरूरी है कि आंखें खुली रहे.
उदारता हमारी स्वाभाविक दशा है.
मेरी अपनी मंजिलें मेरी अपनी दौड़.
गुरूर की जंग में अक्सर जुदाई जीत जाया करती है…!
एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण मनोभाव होता है.