सच्ची प्रतिभा का व्यक्ति चालाक नही होता, जो प्रतिभाहीन है, जिनमे कोई प्रतिभा नही, वही चालाक होगा, चालबाज़ होगा.
_ चालबाजी इस बात का परिचायक है कि इसमें प्रतिभा का अभाव है.
_ प्रतिभा जितनी ज़्यादा होगी, उतना ही वो सरल होगा, साफ सुथरा होगा.
_ प्रतिभाहीन, प्रतिभा की प्रतिपूर्ति चालबाजी से करने की कोशिश करता है.!!
वास्तव में, उदाहरण के लिए, अमीर, अच्छे परिवार का, अच्छा दिखने वाला, काफी बुद्धिमान, और यहाँ तक कि अच्छे स्वभाव वाला होने से ज्यादा कष्टप्रद कुछ भी नहीं है,
__ अगर उसमें कोई भी कोई प्रतिभा नहीं है, कोई ख़ासियत भी नहीं है, न ही अपना स्वयं का एक विचार, सिर्फ ठीक “अन्य लोगों की तरह” होना.!!
मस्त विचार 2850
तुमने जब मुस्करा कर पुकारा हमें,
जिन्दगी को ख़ुशी का नजारा मिला.
मस्त विचार 2849
बुरा वक़्त सबसे बड़ा जादूगर है,
एक ही पल में सारे चाहने वालों के चेहरे से पर्दा हटा देता है.
सुविचार 2974
बुद्धिमान आदमी चालबाज नहीं होता,
जितनी प्रतिभा होती है, उतना आदमी साफ- सुथरा होता है.
मस्त विचार 2848
मेरा दर्द तो सिर्फ मेरा खुदा जानता है…
आप ने तो सिर्फ मेंरी मुस्कान देखी है….!!
सुविचार 2973
समस्याएं ….
अपनी हर तकलीफ, मुश्किल, समस्या रब को अर्पित कर दो, सब आसानी से हल हो जायेगी !!! प्रत्येक समस्या का सहजता से, बहादुरी से मुकाबला करें और जब वो हल न हो तो उन्हें रब के अर्पण करते जाएं, इनसे समस्या का निराकरण मिले न मिले, उससे मिलने वाली पीड़ा और कुंठा से छुटकारा अवश्य मिलता है और साथ ही उनका निराकरण भी ठीक ढंग से हो पाता है !!!
सुविचार 2972
विचारों को पढ़कर बदलाव नहीं आता है,
विचारों पर चलकर ही बदलाव आता है…
मस्त विचार 2847
किस किस का नाम लूँ मैं, अपनी बर्बादियों में,
_ जिस जिस ने सितम ढाए, वो मेरे अपने थे.
ज़िन्दगी कि मुश्किलों को अपनों के बीच रख दो,
_ या मुश्किलें नहीं रहेंगी या अपने नहीं रहेंगे..!!
ज़िन्दगी का तमाशा बनाने वालों में..
_ सबसे बेहतरीन क़िरदार अपनों का होता है !!
मस्त विचार 2846
मैं वो पेड़ हूँ … जो किसी का नही,
लेकिन … मेरे फल सबके लिए हैं.
सुविचार 2971
गलतियां हमारा ध्यान आकर्षित करती हैं …
क्षमा हमारा हृदय छू जाती है.






