मस्त विचार 2689
गिनती मत करना मेरे गुनाहों की,
बेगुनाह हो कर भी “मैंने” सजायें भुगती हैं.
बेगुनाह हो कर भी “मैंने” सजायें भुगती हैं.
जो बुरे वक़्त में आपके साथ थे.
लेकिन सिर्फ बातों से.
लेकिन कोई यह नहीं सोचता की हम किसके हुए.
अपने दिल में प्यार रखो _ इसके बिना जीवन एक धूप रहित बगीचे की तरह है जब फूल मर जाते हैं.
_ सही तरीके अपनाकर असफ़ल हो जाना ..
_ हम दोनों के बीच कई _पन्नों का फासला होगा..!
की जब तक साँसे चलती है कन्धा कोई नहीं देता.
वफादार तो हमेशा तन्हां ही मिलते हैं…
और तकलीफ ना हो तो, घबराहट शुरू हो जाती है.