मस्त विचार 2743
गुफ्तगू……
खुद से हो ……या…..किसी और से…..
ज़िक्र तेरा ज़रूर होता है.
खुद से हो ……या…..किसी और से…..
ज़िक्र तेरा ज़रूर होता है.
न चालाकी से कुछ मिलनेवाला है.
जिसे बुरा लगे वो सामने से हट जाए.
धोखे तो बहुत खाए लेकिन धोखा न दिया हमने.
_ पीछे देखने के दर्पण से नहीं ..
जिंदगी में कुछ भी नहीं है.
आपके देखने पर, आपका एटीटयूड, आपकी पकड़, आपकी समझ, आपकी दृष्टि सब कुछ बनाती और बिगाड़ती है.
मेरी दुआओ के मुकम्मल होने का दस्तूर तू है.
हो सकता है कि आपका जीवन आपके होठों से अधिक जोर से प्रचार करे.