मस्त विचार 2590
और जैसे हम हैं, वैसा तुम सोच भी नहीं सकते.
और जैसे हम हैं, वैसा तुम सोच भी नहीं सकते.
मुस्कुराने से ज्यादा समय मुस्कुराने और आलोचना करने से ज्यादा तारीफ करने में बिताएं.
जहां लोग तो बहुत हैं, पर अपना कोई नहीं…
_ हमारी जिदंगी की सफ़लता का बड़ा हिस्सा होता है ..
जो छोड़ दे बीच मे हाथ, उस हाथ का भी “धन्यवाद”
सुख भी आ रहा है,,, अगली बारी उसीकी है,”
वक़्त उसे एक दिन साबित कर ही देगा.
_इसलिए हर काम में पूरी जान लगा कर अपना 100 प्रतिशत परफौर्म करो.
_आप ने लास्ट टाइम जितना किया था, उस से बेहतर आउटपुट मिले, इस पर फोकस होना चाहिए.
जीवन का अंत भी उसीका अच्छा हो सकता है जिसका जीवन शानदार और अच्छा रहा हो ! जीवन भर दुखी चिंतित और बुरी दशा में जीने वाला अंत समय में दुखी और चिंतित ही जाता है !!! अतः चिंता, दुःख और व्यर्थ विचारो मुक्त जीवन बिताइए क्यूंकि इतना तो हम कर ही सकते है, क्यूंकि अंत वैसा ही होगा जैसे संस्कार हम पूरे जीवन किये कर्म और स्वभाव के अनुसार बना लेंगे !!!!