मस्त विचार 2585
बरसता वो सब पर है,
पर भीग कोई कोई ही पाता है.
पर भीग कोई कोई ही पाता है.
हर दिन नए विकल्प लाता है.
बल्कि वो मिलता है जिसके आप योग्य हो.
ये तभी मुस्कुरायेगी जब आप मुस्कुरायेंगे.
कभी वो लफ्ज भी तो पढ़ो जो हम कह नहीं पाते.
कौन जाने सांसों की मोहल्लतें कहाँ तक हैं।।
इसने हमें वो नहीं दिया, जिसकी हमें इससे उम्मीद थी.
और दूसरों के साथ अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए.